बात उन दिनों की जब मैं छोटा बच्चा था। तब मैं अपने स्कूल के लिए जाता था। तब मैं एक बात पर बहुत गौर करता था। वो बात थी किसान अपने लिए कभी काम नही करता बल्कि दूसरो का पेट भरने के लिए दिन रात मेहनत करता है। वो कभी भी घड़ी के हिसाब से काम नही करता बल्कि दिन-रात यही सोचता है कि मेरी फसल की पैदावार अच्छी हो दुनिया में सिर्फ वही है जो खुद भूखा रह कर दुनिया का पेट भरता है भारत मे कृषि आज से नही प्राचीन काल से हो रही है दुनिया बदल गयी पर किसानों की स्थिति नही बदली किसान पहले भी गरीब था और आज भी है।आज इस बात पर मुझे बहुत दुःख होता है कि किसानों को जो उनका हक है वो नही मिल पा रहा दिन प्रतिदिन महँगाई बढ़ती जा रही है पर किसानों की आमदनी नही बढ़ रही इस कारण से आज तक कई किसानों ने आत्महत्या कर ली क्योंकि जो ऋण लेते है वो उसको कड़ी मेहनत करके भी नही चुका पाते।आज हमारे देश मे किसानों की बहुत भयानक स्थिति है आने वाले भविष्य में और खराब होने वाली है क्योंकि सरकार किसानों को ऐसे नियम में बंधना चाहती है जिन से किसी भी किसान का कभी भला नही हो सकता। और कई नेता इसी पर राजनीति कर रहे है पर सच तो ये है कि किसान आज भी हमारे लिए फसल तैयार कर रहा है क्योंकि वो आज भी यही चाहता कि मेरे देश में कोई भी व्यक्ति उसकी वजह से भूखा ना रहे
हमें भारत के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते किसानों के लिए बुलंद आवाज उठानी चाहिए
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